नारी हज़ारों वर्षों से उपेक्षित होते आ रही है.आज जबकि दुनिया इक्कीसवीं सदी में कदम रख चुकी है, फिरभी नारियों को उनका उचित स्थान नहीं मिल पाया है.यही सोंच कर मैं यह ब्लॉग लिखने का निर्णय लिया. शायद मेरी छोटी -सी कोशिश यदि नारियों को उनका थोड़ा सा भी हक़ दिलाने में कामयाब रहा तो मैं अपने-आपको सफल मानूंगा.....
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